भारत के संविधान की धज्जियाँ उड़ाते राजनैतिक दल
भारत आज एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में जाना जाता है । सैकड़ों वर्षों के गुलामी के पश्चात हमारा देश ब्रिटिश सम्राज्य के कुशासन से 15 अगस्त 1947 को मुक्त हुआ इस स्वतन्त्रता के लिये जिन भारतवासियों ने अपने प्राण न्योछावर किए , उनका सपना था कि हमारा देश स्वतन्त्र होकर पुनः अपनी खोई हुई प्रतिष्ठा समृद्धि ऐश्वर्य वैभव गौरव व सम्प्रभूता को प्राप्त करेगा । जिसमें हमारी भावी सन्तति सुख-शान्ति के साथ रहते हुए अपना समुचित विकास सुनिश्चित करेगी । यहाँ का हर नागरिक ससम्मान जीवन यापन करने के लिए पूर्ण स्वतन्त्र होगा । स्वतंत्र या पार्टीतंत्र । आज हमारी स्वतन्त्रता का एक लम्बा सफर तय हो चुका है , इस समय काल में हमारे देश ने भौतिक क्षेत्र में अवश्य ही काफी प्रगति की है । सड़क , बिजली , पानी , रेल , वायुयान , जलपोत , उपग्रह , तथा गगनचुम्बी इमारते आदि भारत की नई पहचान बन चुकी है , परन्तु चकाचौंध करने वाला शहरीकरण , और इसके बिपरीत उजड़ते गाँव हमें अपने जीवन की मौलिकता और सपनों से दूर कर रहे हैं । हमारी यह अप्रत्याशित प्रगति मात्र कुछ लोगों को ही सम्पन्न बनाने में सार्थक हुई और अधिकांश लोगों की ...